भड़क गया पूर्व ओपनर, कहा- तीस की उम्र में बीसीसीआई हमें 80 साल का बुजुर्ग मान लेता है

2018 में आखिरी बार भारत के लिए खेले थे विजय

murli vijay
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नई दिल्ली । बीसीसीआई ने शुक्रवार देर रात न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के लिए टीमों का एलान किया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए पृथ्वी शॉ की वापसी हुई है, वहीं सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरूआती दो टेस्ट के लिए टीम में शामिल किया गया है। वहीं ओपनर मुरली विजय को चयनकर्ताओं ने नजर अंदाज किया है। इसके बाद मुरली विजय ने बीसीसीआई को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने उम्र को लेकर बीसीसीआई पर निशाना साधा है।

2018 में आखिरी बार भारत के लिए खेले थे विजय

38 साल के मुरली विजय पिछली बार भारत के लिए 2018 में खेले थे। यह मुकाबला भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ स्टेडियम में खेला था। इसके बाद से विजय लगातार टीम से बाहर रहे हैं। वह घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेट भी नहीं खेल रहे हैं। विजय एक समय आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के स्टार ओपनर हुआ करते थे, लेकिन 2020 के बाद से आईपीएल से भी गायब रहे हैं।

आईपीएल में भी पिछला मैच विजय ने 2020 में खेला था। हालांकि, विजय तमिलनाडु प्रीमियर लीग खेलते रहे हैं। अब फिर से टीम इंडिया में शामिल नहीं किए जाने पर विजय ने बीसीसीआई पर भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा कि भारत में क्रिकेट के साथ उनके संबंध लगभग खत्म हैं और अब वह बाहर मौके की तलाश में जाना चाहते हैं।

30 साल का होते ही हमें 80 का बुजुर्ग समझ लिया

पूर्व क्रिकेटर डब्ल्यूवी रमन के साथ एक शो के दौरान विजय ने कहा- बीसीसीआई के साथ मेरा नाता अब लगभग खत्म हो चुका है। मैं अब विदेशों में मौके तलाशना चाहता हूं। मैं अभी भी कॉम्पिटिटीव क्रिकेट खेलना चाहता हूं। भारत में यह धारणा है कि 30 साल का होते ही हमें अनदेखा किया जाता है। इसके बाद हमें 80 साल का बुजुर्ग समझ लिया जाता है।

मैं किसी तरह के कंट्रोवर्सी में नहीं पड़ना चाहता। मीडिया को भी इसे अलग तरीके से देखना चाहिए। मुझे लगता है कि 30 साल की उम्र के बाद भी शीर्ष पर पहुंचा जा सकता है। मैं अभी भी उसी तरह बल्लेबाजी कर सकता हूं जैसा कि मैं करता था। लेकिन बदकिस्मती कहूं या खुशकिस्मती यहां मौके कम हैं। ऐसे में मुझे बाहर मौके तलाशने होंगे।

टेस्ट में भारत के लिए लगाए हैं 12 शतक

विजय ने कहा- अगर मुझे वीरेंद्र सहवाग जितना समर्थन मिलता तो हो सकता है कि चीजें अलग होतीं। 2020 में, मुरली विजय सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए तमिलनाडु टीम से बाहर हो गए थे। हाल ही में उन्होंने एक शौकिया गोल्फ टूर्नामेंट में भाग लिया। उन्होंने चेन्नई ओपन गोल्फ चौंपियनशिप में भाग लिया था। विजय ने भारत के लिए 61 टेस्ट, 17 वनडे और नौ टी20 खेले। टेस्ट में उनके नाम 38.29 की औसत से 3982 रन हैं। इसमें 12 शतक और 15 अर्धशतक शामिल है।

वन डे में बनाए 339 रन

वहीं, 17 वनडे में विजय ने 21.19 की औसत से 339 रन बनाए थे। टी20 अंतरराष्ट्रीय में विजय के नाम 18.78 की औसत से 169 रन हैं। आईपीएल में विजय ने 106 मैच खेले और 121.87 के स्ट्राइक रेट से 2619 रन बनाए। इनमें दो शतक और 13 अर्धशतक शामिल है। इसके अलावा विजय 135 फर्स्ट क्लास, 94 लिस्ट-ए मैच खेल चुके हैं। फर्स्ट क्लास में उनके नाम 9205 रन और लिस्ट-ए में 3644 रन हैं।