Union Minister Meenakshi Lekhi
Union Minister Meenakshi Lekhi

Omkarshwar News: प्रवासी भारतीय सम्मेलन में शामिल होने इंदौर आईं केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने भगवान ओंकारेश्वर-ममलेश्वर के दर्शन करने खंडवा की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर भी पहुंची हैं। मीनाक्षी लेखी ने भी ओंकारेश्वर पहुंचकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए।

भगवान शिव की नगरी और मां नर्मदा के प्राकृतिक नजारे से अभिभूत विदेश मंत्री ने यहां की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए पॉलीथीन और रासायनिक रंगों का उपयोग प्रतिबंधित करने की सलाह दी। केंद्रीय मंत्री ने दर्शन के बाद नौका विहार का लुत्फ उठाया।

ओंकारेश्वर में शनिवार से ही प्रवासी भारतीय अलग-अलग समूह में आ रहे हैं। दो दिनों में 80 से अधिक प्रवासी दर्शन कर चुके हैं।

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तीन दिवसीय संगीत समारोह का हुआ शुभारंभ

भोपाल। देश और प्रदेश की अलग अलग कलाओं पर केंद्रित हृदय दृश्यम समारोह की शुरुआत रविवार को हुई।
संस्कृति विभाग और मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय समारोह की पहली सभा कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुई।

समारोह के पहले दिन उद्घाटन पद्मश्री डॉ. सोमा घोष ने किया। समारोह की पहली प्रस्तुति कलर्स ऑफ स्पेन ने दी। इस प्रस्तुति में बेटिना कस्तानयो ने फ्लैमिन्को डांस प्रस्तुत किया। उनके साथ प्यानो पर अलमुदेना ने साथ दिया। अलमुदेना की पारंपरिक स्पेनिश धुनों पर बेटिना ने कदमों से आकर्षक डांस प्रस्तुत किया। बेटिना ने स्पेनिश फैन, हैंडमेड ट्रेडिशनल स्टोल एवं केसोनेट्स के माध्यम से अपने डांस में चार चांद लगा दिए और उपस्थित दर्शकों को स्पेन की संस्कृति से रूबरू कराया।

महाकाल और ओंकारेश्वर पर केंद्रित स्तुति-

पद्मश्री डॉ. सोमा घोष के शास्त्रीय गायन की सभा मंच पर सजी। डॉ. सोमा घोष ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत गणपति वंदना के साथ की, जो नृत्य के साथ प्रस्तुत किया गया। खुशबू पांचाल ने नृत्य में साथ दिया। ईश्वर की वंदना के पश्चात उन्होंने राग बैरागी में महाकाल एवं ओंकारेश्वर स्तुति प्रस्तुत की।

इसके बाद राग भैरव में नर्मदा स्तुति को अपने मधुर कंठ से प्रस्तुत करते हुए मप्र की धरती से मां नर्मदा को नमन किया। इसी क्रम में राग कलावति में दो बंदिश प्रस्तुत की, जिसमें पहली पाश्चात्य शैली के साथ भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रयोग करते हुए ‘मग्न भये जियरा…’ एवं दूसरी बंदिश तीन ताल में ‘जिया नहीं माने…’ प्रस्तुत की। इसके बाद राग हंसध्वनि में तांडव तराना एवं बनारस घराने की ठुमरी, होरी, कजरी, दादरा की प्रस्तुति दी।

अंत में उन्होंने श्रोताओं की फरमाइश पर ‘आज जाने की जिद न करो…’, ‘दमादम मस्त कलन्दर…’ जैसे गीत भी पेश किए। डॉ. सोमा घोष की इस प्रस्तुति के दौरान श्रोता ही नहीं स्पेन की नृत्यांगना बेटिना कस्तानयो भी थिरके बिना नहीं रह पायी और उन्होंने मंच पर हिंदी गीतों पर स्पेनिश डांस किया। डॉ. सोमा घोष के साथ तबले पर विवेक मिश्रा, साइड रिद्म पर कृष्णमोहन कुमार, की-बोर्ड पर माजिद लतीफ, सारंगी पर पंकज पांचाल एवं हारमोनियम पर ओंकार अग्निहोत्री ने संगत दी।

बांसुरी पर छाया तिलक सब छीनी-

कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति सुप्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित रोनू मजुमदार ने बांसुरी वादन की दी। उन्होंने अपनी प्रस्तुति के लिए राग आभोगी को चुना। इसके बाद उन्होंने दो भजनों को मिलाते हुए नए ढंग से प्रस्तुत किया, जिसमें मीराबाई का ‘पायोजी मैंने राम रतन धन पायो…’ एवं अमीर खुसरो का ‘छाप तिलक सब छीनी…’ प्रस्तुत करते हुए श्रोताओं का मन मोह लिया। अंत में उन्होंने बनारसी ठुमरी एवं श्रोताओं की फरमाइश पर कुछ धुनों को पेश किया। पंडित रोनू मजुमदार के साथ तबले पर पंडित अजीत पाठक एवं बांसुरी पर कल्पेश सांचला ने संगत की।