भोपाल। मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं की भर्ती के लिए मंत्री समूह का गठन किया गया है। इसके लिए शिवराज सरकार ने चार मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। यह मंत्री समूह ST/SC वर्ग के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसर निर्मित करेंगे। मंत्री समूह संगठनों से बातचीत और सुझाव लेकर अपनी अनुशंसा रिपोर्ट देगा।

जानकारी के मुताबिक इस मंत्री समूह में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा, स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी, एमएसएमई मंत्री ओम प्रकाश सकलेचा और उघोग मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव को शामिल किया गया है। वहीं, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव इस समूह के सचिव होंगे और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग सचिव इस समूह के सह-सचिव होंगे।

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बता दें कि मंत्री समूह अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार और एंटरप्रेन्योरशिप के अवसर उपलब्ध कराने के लिए हितधारकों, दलित इंडिया चेम्बर्स कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीस और अन्य संगठनों से सुझाव लेकर गहन विचार विमर्श कर विस्तृत अनुशंसा प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा। मंत्री समूह को 45 दिन के अंदर अनुशंसा प्रतिवेदन प्रस्तुत करना होगा।

पूर्व मंत्री ने सरकार पर लगाया ये आरोप

वहीं, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार पर वर्ग संघर्ष पैदा करने का आरोप लगाया है। जिस प्रकार से सरकार ने कमेटी गठित की है और एससी/एसटी को रोजगार के अवसर प्रदान करने की बात कही है उससे वर्ग संघर्ष पैदा होगा। रोजगार की जरूरत हर एक वर्ग को है, अगर सरकार को रोजगार देना ही है तो वैकेंसी निकालें और सभी वर्गों को नौकरी दें।