भोपाल। कोविड कारणों से मुश्किल में पड़े हज सफर को इस बार परवान चढ़ने की उम्मीद है। सऊदी अरब सरकार के साथ हुए करार में इस साल हज कोटा आम दिनों की तरह कर दिया गया। इस इजाफे के साथ उम्मीद की जा रही है कि इस बार प्रदेश को मिलने वाला हज कोटा भी दोगुना (आम दिनों में मिलने जैसा) होगा। इससे प्रदेश के ज्यादा आवेदकों को हज यात्रा पर जाने का मौका मिल सकता है। जानकारी के मुताबिक सऊदी अरब सरकार ने हज यात्रा 2023 के लिए भारत को एक लाख, 75 हजार, 25 हाजियों का कोटा देने का करार किया है। हज कोटे का ये आंकड़ा भारत को आम दिनों में मिलने वाले कोटे से भी कुछ ज्यादा है।

पिछले साल भारत को महज 79 हजार, 237 सीटों का कोटा मिला था

जानकारी के मुताबिक लगातार दो साल हज यात्रा स्थगित रहने के बाद गत वर्ष हाजियों की तादाद सीमित कर दी गई थी। पिछले साल भारत को महज 79 हजार, 237 सीटों का कोटा मिला था। इनमें से भी करीब 56 हजार, 601 सीटें हज कमेटी को मिली थीं, जबकि 22 हजार 636 सीटें प्राइवेट टूर ऑपरेटर्स के खाते में चली गई थीं। गौरतलब है कि कोविड हालत के चलते आवेदकों ने भी पिछले साल हज यात्रा पर जाने में कम ही रुचि दिखाई थी। जिसके चलते पूरे देश से होने वाले आवेदन का आंकड़ा 65-70 हजार तक सिमट गया था। जबकि आम दिनों में आवेदनों की ये संख्या कई गुना ज्यादा होती है।

प्रदेश को भी मिलेंगी ज्यादा सीटें

सीमित कोटे के साथ हुए हज के कारण पिछले साल प्रदेश के हिस्से महज करीब 1700 सीटें हाथ आई थीं। बाद में मिले अतिरिक्त कोटे के साथ करीब 2200 आवेदक हजयात्रा पर पहुंचे थे। उम्मीद की जा रही है कि हज यात्रा से हटी पाबंदियों और जारी किए गए कोटे के लिहाज से इस बार प्रदेश को करीब साढ़े तीन हजार से ज्यादा सीटों का कोटा मिल सकता है। इसके अलावा अन्य प्रदेशों से बची सीटों से मिलने वाले अतिरिक्त कोटे के साथ प्रदेश से करीब 5 हजार आवेदक हजयात्रा पर जा सकते हैं।

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आवेदन प्रक्रिया इसी सप्ताह से

हज 2023 के लिए आवेदन प्रक्रिया नवम्बर माह में शुरू होना थी। लेकिन किन्हीं कारणों से टली ये प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो पाई है। उम्मीद की जा रही है इस माह में संभवतः अगले सप्ताह तक आवेदन का सिलसिला शुरू हो सकता है। जून माह में होने वाली हज यात्रा के लिए हजियों के चयन की प्रक्रिया भी फरवरी माह के अंत तक या मार्च के पहले सप्ताह में पूरी की जा सकती है।

इनका कहना है

हज कोटा बढ़ने से प्रदेश के ज्यादा लोगों के लिए सफर की सहूलियत होगी। दिल्ली बैठक और भोपाल में हुए हज कमेटी सम्मेलन में हमने इसके लिए प्रस्ताव रखा था। अब हज खर्च में कटौती किए जाने के केंद्रीय मंत्री के आश्वासन पर भी जल्दी ही चर्चा की जाएगी ताकि प्रदेश के हाजियों को राहत मिल सके।

सैयद शाकिर अली जाफरी, 
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मप्र राज्य हज कमेटी