suicide by hanging
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भोपाल। अशोका गार्डन थाना क्षेत्र स्थित न्यू अशोका गार्डन में गुरुवार रात बी फार्मा के छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने अपनी मर्जी से आत्महत्या करने की बात लिखी है। सुसाइड नोट की जांच में आत्महत्या की वजह सामने नहीं आ सकी है। पुलिस ने छात्र का शव पीएम के लिए भेज दिया है। छात्र के परिजन बालाघाट से भोपाल के लिए निकल गए थे। उनकी मौजूदगी में शव का पीएम कराया जाएगा।

छात्र बालाघाट का रहने वाला था-

एएसआई संजय मिश्रा ने बताया कि अनुराग नाग पिता दीपक नाग (24) बैहर, तहसील परतवाड़ा, बालाघाट का रहने वाला था। अनुराग यहां ए-944 न्यू अशोका गार्डन में किराए के कमरे में रह रहा था और प्राइवेट कालेज में बी फार्मा की पढ़ाई कर रहा था। गुरुवार दोपहर से उसके परिजन उसे कॉल कर रहे थे, लेकिन वह कॉल रीसिव नहीं कर रहा था।

परिजन ने भोपाल में रहने वाले अनुराग के दोस्तों को घटना की जानकारी दी और रूम जाकर अनुराग से बात कराने की बात कही। अनुराग का दोस्त तेजपुंज मयूर विहार अशोका गार्डन में रहता है। वह अनुराग के कमरे पर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो तेजपुंज ने मकान मालिक को घटना की जानकारी दी। इसके बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा गया।

बेडशीट का फंदा बनाकर पंखे पर फांसी लगा ली-

दरवाजा तोड़ने पर पता चला कि अनुराग ने बेडशीट का फंदा बनाकर पंखे पर फांसी लगा ली है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अनुराग का शव पीएम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें उसने अपनी मर्जी से आत्महत्या करने की बात लिखी है।

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कोलार तिराहे पर जिला प्रशासन की कार्रवाई 10 परिवारों को किया विस्थापित

भोपाल। राजधानी के मुख्य मार्ग चूना भट्टी की और कोलार तिराहे से जानेवाली सड़क के चौड़ीकरण के चलते कोलारा तिराहे से 10 परिवारों को विस्थापित करने की कार्रवाई की गई। स्थानीय एसडीएम की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई जिसमें पुलिस के अलावा स्थानीय जोन क्रमांक 8 का अतिक्रमण विरोधी अमला भी मौजूद रहा।

शुरूआत में लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध किया लेकिन बाद मेें अधिकारियों की समझाइश के बाद वे विस्थापित होने को तैयार हो गए। फिलहाल गीतांजलि सामुदायिक भवन मेें इन परिवारों को विस्थापित किया गया है। अधिकारियों की मानें तो मुख्य मार्ग से सटे हिस्से में करीब पचास परिवार जो शासकीय भूमि पर सालों से रह रहे है उन्हें सड़क चौड़ीकरण के चलते हटाया जा रहा है।

इन्हें वर्तमान में अस्थायी तौर पर विस्थापित किया जा रहा है बाद में इन्हें पीएम आवास योजना के मकानों में शिफ्ट किया जाएगा। इस दौरान स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का जमकर विरोध किया। लोगों का कहना था कि इस कड़ाके की ठंड में उन्हें अचानक विस्थापित किया जा रहा है जबकि सर्दी के चलते उन्हें कुछ दिनों की और मोहलत चाहिए थी। साथ ही लोग यहां से अस्थायी विस्थापन की बजाए सीधे विस्थापित करने की मांग कर रहे थे।