Violence Hits JNU

Violence Hits JNU: जेएनयू परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी BBC की डॉक्यूमेंट्री देखने आए छात्रों पर पथराव के बाद मंगलवार रात हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। इस डॉक्यूमेंट्री को केंद्र सरकार ने बैन कर दिया है। बैन की गई फिल्म का JNU में प्रदर्शन नहीं हो सका, क्योंकि इंटरनेट के साथ बिजली भी गुल थी।

मोबाइल पर देखी डॉक्यूमेंट्री तो हुआ पथराव-

जब फिल्म दिखाने की योजना फेल हुई, तो छात्रों ने अपने मोबाइल फोन पर डॉक्यूमेंट्री देखना शुरू कर दिया और आरोप लगाया कि उन पर हमला किया गया। छात्रों का आरोप है कि जब वे कैफेटेरिया के अंदर डॉक्यूमेंट्री देख रहे थे तो उन पर पथराव किया गया। वामपंथी समर्थकों ने दो छात्रों को पकड़ा है, उनका दावा है कि वे पत्थर फेंक रहे थे।

केंद्र सरकार ने कई प्लेटफार्मों पर डॉक्यूमेंट्री, ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ पर प्रतिबंध लगा दिया है और इसे “प्रोपेगंडा” करार दिया है। हालांकि, कई विश्वविद्यालयों और छात्र संघों ने परिसर में फिल्म प्रदर्शित करने की इच्छा व्यक्त की है।

10 प्वॉइंट में समझिए क्या है मामला-

  • JNSU का आरोप है कि सीरीज देखने आए छात्रों पर एबीवीपी के सदस्यों ने पथराव किया। उन्होंने दावा किया कि उन पर तब हमला किया गया जब वे अपने मोबाइल फोन पर डॉक्यूमेंट्री देख रहे थे।
  • जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने आरोप लगाया कि ABVP ने मोबाइल फोन पर स्क्रीनिंग के दौरान पथराव किया। इसकी पुलिस शिकायत दर्ज की गई है।
  • आइशी घोष ने कहा, “छात्र सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। जेएनयू प्रशासन द्वारा यह इस तरह का घटिया व्यवहार है। एबीवीपी हिंसा में शामिल है। मुझे उम्मीद है कि पुलिस सहयोग करेगी।”
  • ABVP ने JNUSU द्वारा अपने खिलाफ लगाए गए हिंसा के आरोपों का जवाब दिया। छात्र संगठन ने पीएम मोदी पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को ‘भारत विरोधी’ और औपनिवेशिक मानसिकता से ग्रस्त करार दिया।
  • जेएनयू के कई छात्रों ने नई दिल्ली में वसंत कुंज पुलिस स्टेशन तक मार्च किया, उन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए जिन्होंने पथराव किया था, जब वे अपने मोबाइल फोन पर बीबीसी की विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री देख रहे थे, क्योंकि स्क्रीनिंग की अनुमति विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा नहीं दी गई थी।
  • JNU प्रशासन ने स्क्रीनिंग की अनुमति देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि अगर डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
  • कैंपस में बिजली कटौती पर, जेएनयू प्रशासन के एक अधिकारी ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए बताया, “विश्वविद्यालय में एक बड़ी (बिजली) लाइन की खराबी है। हम इसे देख रहे हैं। इंजीनियरिंग विभाग कह रहा है कि इसे जल्द से जल्द सुलझा लिया जाएगा।”
  • वाइस चांसलर शांतिश्री पंडित ने कहा कि कैंपस के कुछ हिस्से बिजली गुल होने से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि लाइन में बड़ी खराबी है। यहां तक ​​कि फैकल्टी आवास और अन्य सुविधाएं भी बिना लाइट के हैं। इंजीनियरिंग विंग मामले की जांच कर रही है।
  • अब, जेएनयूएसयू और एबीवीपी के प्रतिनिधि पीएम मोदी पर बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग के बाद भड़की हिंसा और विरोध के सिलसिले में यूनिवर्सिटी VC से मुलाकात करेंगे।
  • दिल्ली पुलिस ने कहा कि अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। दिल्ली पुलिस ने कहा, “हमने शिकायत दर्ज कर ली है और जांच भी शुरू कर दी गई है।”