महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर मंदिर के कपाट बंद, इस वजह से 12 जनवरी तक दर्शन नहीं कर सकेंगे श्रद्धालु

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किया जा रहा है ज्योतिर्लिंग का रखरखाव

trimbakeshwar temple
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नासिक। महाराष्ट्र (Maharashtra) का त्र्यंबकेश्वर मंदिर (Trimbakeshwar Temple) देश ही नहीं दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र हैं। इस मंदिर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं। खबर यह है कि अगर आप भी दर्शन करने का प्लान बना रहे हैं तो एक बार इस खबर को पढ़ लीजिए, क्योंकि यह खबर आपके लिए बेहद जरूर है। दरअसल, त्र्यंबकेश्वर मंदिर में 8 दिनों कर भक्त दर्शन नहीं कर पाएंगे। मंदिर 12 जनवरी तक बंद रहने वाला है। इस बात की जानकारी मंदिर ट्रस्ट की ओर से दी गई है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किया जा रहा है रखरखाव

मंदिर ट्रस्ट ने जानकारी देते हुए बताया है कि आने वाले 8 दिनों तक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा मंदिर के ज्योतिर्लिंग के रखरखाव का काम किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालुओं को मंदिर के अंदर जाने की अनुमति नहीं होती। बता दें कि त्र्यंबकेश्वर मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। यब ब्रह्मगिरी पहाड़ के तल पर स्थित है।

श्रावण और शिवरात्रि के दौरान होती है श्रद्धालुओं की भीड़

माना जाता है कि त्र्यंबकेश्वर मंदिर (Trimbakeshwar Temple) में खासकर श्रावण और शिवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रहती हैँ यहां हर रोज हजानों की संख्या में भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के एक्सपर्ट्स अब ज्योतिर्लिंग (Jyotirlinga) को किसी तरह का नुकसान से बचाने के लिए नया लेप लगाएंगे। माना जा रहा है कि त्र्यंबकेश्वर मंदिर के इतिहार में पहली बार इतनी लंबे अंतराल के लिए भक्तों के लिए मंदिर के कपाट बंद रहने वाले हैं।

कोरोना संक्रमण काल में भी बंद रहा था मंदिर

हालांकि कोरोना संक्रमण (corona infection) के दौरान एहतियात के दौरान मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया था, लेकिन नॉर्मल दिनों में मंदिर भक्तों के लिए बंद नहीं रखा जाता था। अब रखरखाव की वजह से मंदिर में श्रद्धालु दर्शन करने नहीं पहुंच पाएंगे। हालांकि, इन 8 दिनों में ज्योतिर्लिंग की दैनिक पूजा जरूर होगी। इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से भी अनुमति मिल गई है।