Chamoli Village Crack

Chamoli Village Crack: जोशीमठ के बाद उत्तराखंड के एक और गांव में दरारें दिखने लगी हैं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत है। मामला उत्तराखंड के ही चमोली जिले के शाराना चाय गांव से आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शरणा चाई में रिहायशी ढांचों में कई दरारें देखी गई हैं। स्थानीय लोगों को डर है कि हाल ही में जोशीमठ में आई ज़मीन धंसने से पूरा उत्तराखंड तबाह हो जाएगा।

डरे हुए हैं लोग-

मीडिया से बात करते हुए एक स्थानीय निवासी ने कहा कि बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदाएं शाराना गांव में अधिक होती हैं जबकि दूसरे स्थानीय निवासी को डर था कि कम तीव्रता के भूकंप की स्थिति में पूरा गांव गंभीर रूप से प्रभावित होगा। एक अन्य स्थानीय ने कहा, “आज जोशीमठ ढहने के कगार पर है, कल पूरा उत्तराखंड तबाह हो जाएगा।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जोशीमठ पर बनाए हैं नजर-

कई वैज्ञानिकों और अन्य विशेषज्ञों की टीम उत्तराखंड के जोशीमठ में उन क्षेत्रों का लगातार दौरा कर रही है, जहां भू-धंसाव हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नजर बनाए हुए हैं। टीम ने जोशीमठ पहुंचकर उन सभी जगहों का दौरा किया, जहां दरारें मिली हैं।

सरकार की तमाम टीमें कर रही रिसर्च-

उत्तराखंड सरकार की तमाम टीमें भी लगातार जोशीमठ का दौरा कर रही हैं. कल आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत सिन्हा भी जोशीमठ पहुंचे थे। सिन्हा ने उत्तराखंड के जोशीमठ में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और कहा कि दरारों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन किसी नए क्षेत्र को नुकसान का सामना नहीं करना पड़ा है।

सचिव ने भूवैज्ञानिकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ औली रोपवे, मनोहर बाग, शंकराचार्य मठ, जेपी कॉलोनी सहित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

ये बन रही वजह-

बहुगुणा नगर के ऊपर आए मलबे ने सबसे पहले 2015 में घरों को नुकसान पहुंचाया था। यही हाल बीते सालों में नेशनल हाइवे के चौड़ीकरण और कर्णप्रयाग-कनखूल सड़क के किनारे एक नाली के अभाव में बारिश के पानी के बहाव के साथ होने लगा। कर्णप्रयाग, अलकनंदा और पिंडार नदियों के संगम पर स्थित होने के कारण मानसून के दौरान नियमित और भारी मिट्टी का कटाव होता है।