Bhopal news : नई पीढ़ी के लिए कौशल विकास की जरूरत है। यह आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। विद्यार्थियों को अपने स्किल्स अपग्रेड करते रहना चाहिए और इन्हें बदलती सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप बनाना जरूरी है। ताकि उद्योगों के लिए प्रासंगिकता बनी रहे। विद्यार्थियों से मेरा अनुरोध है कि वे नौकरी की प्रतीक्षा न करें बल्कि स्वरोजगार के लिए प्रयास करें। मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सोमवार को सेन्टर फॉर रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल स्टॉफ परफॉरमेंस (क्रिस्प) द्वारा सुभाष यादव भवन में आयोजित प्रमाण पत्र वितरण समारोह ‘कौशल समरसता’ में ये बातें कहीं।

समाज के प्रत्येक वर्ग का आगे बढ़ना जरूरी

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और स्किल इंडिया (कौशल भारत- कुशल भारत) के सपने को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग का आगे बढ़ना जरूरी है। राज्यपाल ने कहा कि क्रिस्प ने बाजार की मांग के अनुसार जो नि:शुल्क व्यावसायिक आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया है, उसस इन विद्यार्थियों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। राज्यपाल ने क्रिस्प की प्रशंसा करते हुए कहा कि, “क्रिस्प न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरष्ट्रीय स्तर पर भी अपना परचम लहरा रहा है।”

युवा रोजगार सृजन पर ज्यादा ध्यान दे रहा

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए क्रिस्प ने तीन महीने का नि:शुल्क आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें क्रिस्प ने मेपसेट (मध्य प्रदेश रोजगार एवं प्रशिक्षण परिषद) द्वारा निर्धारित किए गए 8 ट्रेड्स में अनुसूचित जाति वर्ग के 237 बी.पी.एल. कार्डधारक युवाओं को तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इन प्रशिक्षणों हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास थी। इस कार्यक्रम में मौजूद स्वदेशी जागरण मंच के सतीश कुमार ने कहा कि देश का युवा रोजगार सृजन पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रहा है, क्योंकि यह उसकी सबसे बड़ी जरूरत है। हमारे देश की युवा आबादी को स्किलिंग करने की जरूरत है।

सकारात्मक होकर आगे बढ़ना होगा

कार्यक्रम में उपस्थित विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे प्रयोगों के बारे में बताया और कहा कि युवओं में स्किल सेट कोई भी हो, लेकिन हमें उनके साथ सकारात्मक होकर आगे बढ़ना होगा। क्रिस्प की इस ट्रेनिंग के बाद अपना नया जीवन शुरू करने जा रहे विद्यार्थियों को उन्होंने हमेशा सकारात्मक रहने की सलाह दी। आगे उन्होंने क्रिस्प के प्रबंध संचालक डॉ. श्रीकांत पाटिल को बधाई देते हुए कहा कि, क्रिस्प संस्थान प्रगति पथ पर अग्रसर है।

राजधानी में बिखरेंगे कला एवं संस्कृति के रंग, रविंद्र भवन में सजेगी कलाकारों की महफिल

इस मौके पर तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने कहा कि ज्यादा सीखना और ज्यादा जानकर आपको जॉब मार्केट के लिए उपयुक्त बनाता है और युवाओं को सशक्त और स्किल्ड होने की जरूरत है ताकि आगे आने वाली अर्थव्यवस्था की चुनौतियों का हम सामना कर सकें। मध्यप्रदेश भवन एवं संनिर्माण कर्मकार मंडल (बीओसीडब्ल्यू) के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने अनुसूचित जाति-जनजाति एवं अन्य पिछडे वर्गों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।