सारांश टाईम्स, भोपाल
भारतीय भाषाओं के प्रसार और प्रचार की यात्रा में विश्व रंग द्वारा एक खास पहल करते हुए प्रसिद्ध निर्माता, निर्देशक और अभिनेता यशपाल शर्मा की फिल्म ‘दादा लखमी’ की विशेष स्क्रीनिंग कैपिटल मॉल स्थित आईनॉक्स में की गई। भोपाल में इस विशेष स्क्रीनिंग की खासियत यह रही कि इस दौरान फिल्म के निर्देशक और मुख्य कलाकार यशपाल शर्मा भी मौजूद रहे और उन्होंने शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ मिलकर फिल्म का आनंद लिया। इससे पहले उन्होंने स्वयं थिएटर में दर्शकों से हाथ मिलाकर उनका स्वागत किया।

इस दौरान विश्वरंग के निदेशक और वरिष्ठ संस्कृति कर्मी संतोष कुमार चौबे, विश्वरंग की सह-निदेशक अदिति चतुर्वेदी वत्स एवं अन्य अतिथि भी मौजूद रहे। फिल्म स्क्रीनिंग के अंत में यशपाल शर्मा दर्शकों से मिले और फिल्म से जुड़े कई अनुभवों को भी साझा किया। साथ ही कार्यक्रम में यशपाल शर्मा को सांस्कृतिक पत्रिका रंग संवाद का नया अंक भी भेंट किया गया।

क्षेत्रीय सिनेमा बहुत अच्छा कार्य कर रहा

इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए फिल्म निर्देशक और अभिनेता यशपाल शर्मा ने कहा कि हर कलाकार का दायित्व होता है कि वो अपनी मातृभूमि के लिए कुछ अच्छा करे। मैं अपनी कला के माध्यम से हरियाणा की एक ऐसी शख्सियत जिनका जिक्र शायद युवा पीढ़ी करना भूल रही थी, उनके योगदान को सामने लाने के लिए मेरी तरफ से यह फिल्म एक श्रृद्धांजलि है। और देश में क्षेत्रीय सिनेमा बहुत अच्छा कार्य कर रहा है। नई कहानियों को कह रहा है। यही अवसर है अपनी कहानियों को पर्दे पर लाने का। इसी कड़ी में मेरी ओर से यह प्रयास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने मकर-संक्रांति, लोहड़ी, पोंगल, भोगली, बिहू और पौष पर्व पर दी बधाई

‘दादा लखमी’ फिल्म पूरे देश में पहुंच रही है

उन्होंने क्षेत्रीय सिनेमा के बढ़ते महत्व पर बात करते हुए कहा कि अब तक हरियाणवी सिनेमा पूरे देश तक उस प्रकार नहीं पहुंचा जैसे अन्य क्षेत्रीय सिनेमा की पहुंच हुई है। परंतु ‘दादा लखमी’ फिल्म पूरे देश में पहुंच रही है, सिर्फ यही नहीं विदेशों में इसने अपना लोहा मनवाया है। यह फिल्म हरियाणा की कहानियों और व्यक्तित्वों की प्रभावशीलता को भी दर्शाता है। वहीं, विश्वरंग से जुडऩे की बात पर यशपाल शर्मा ने कहा कि विश्वरंग भारतीय संस्कृति के वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार का बहुत अच्छा कार्य कर रहा है। भारतीय भाषाओं को भी आगे बढ़ाने के कार्य में विश्वरंग ने कई पहल की हैं। मुझे खुशी है कि रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी और विश्वरंग के सहयोग से इस फिल्म की स्क्रीनिंग भोपाल में हुई और उनके इस अभियान में मै और मेरी फिल्म भी शामिल हो गई।

विश्व रंग कर रहा अच्छी पहल

इस मौके पर विश्वरंग के निदेशक संतोष कुमार चौबे ने कहा कि विश्व रंग हिंदी और भारतीय भाषाओं को वैश्विक स्तर पर लाने का काम हमेशा से कर रहा है। अब लोगों का भी दायित्व है कि वे भी आगे आएं और अपनी भाषा संस्कृति और अपने कलाकारों को आगे बढ़ाते हुए सहयोग करें। अब यह किसी और के भरोसे बैठ कर नहीं हो सकता। हमें खुद इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। आगे भी विश्वरंग साहित्य कला और संस्कृति से जुड़ी पहल के साथ जुड़ा रहेगा।