Political news : मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों की पार्टियां तैयारियों में जुट गईं हैं। दोनों ही पार्टियों की नजर नए वोटर्स पर है, जिन्हें रिझाने के लिए पार्टियां रणनीति बनने में जुटी हुई हैं। इधर, कांग्रेस की नजर प्रदेश की महिला वोटर्स पर है। विधानसभा चुनाव में महिलाओं के लिए कांग्रेस खास रणनीति बना रही है।

कांग्रेस पार्टी की प्रदेश इकाई चुनाव में महिलाओं के लिए अलग से घोषणा पत्र जारी करने की तैयारी कर रही है। बता दें कि, प्रदेश में कुल 5 करोड़ 39 लाख 85 हजार 876 मतदाता हैं। हाल में हुए वोटर लिस्ट अपडेशन में 13 लाख 39 हजार नए मतदाताओं के नाम जुड़े हैं। खास बात ये है कि इसमें पुरुष के मुकाबले महिला वोटर ज्यादा हैं। प्रदेश के 41 जिलों में महिलाओं का आंकड़ा पुरुषों से ज्यादा है। कांग्रेस की नजर इसी वोट बैंक पर है।

कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों के हवाले से खबर है कि कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रमुख कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में ‘प्रियदर्शिनी’ नामक इस घोषणा पत्र को जारी करने का फैसला किया गया। यह घोषणा पत्र महिलाओं पर केंद्रित होगा।

प्रियदर्शिनी होगा नाम

घोषणा पत्र सलाहकार समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि ‘प्रियदर्शिनीÓ महिलाओं के लिए एक घोषणा पत्र होगा, जबकि एक आम घोषणा पत्र भी होगा। समाज के विभिन्न वर्गों से संबंधित घोषणा पत्र को लेकर जानकारी एकत्र करने के लिए 10 उप समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि एक महीने बाद उप समितियों की बैठक होगी।

मतदान करने में भी पीछे नहीं महिलाएं

गौरतलब है कि, मध्य प्रदेश में साल 2005 के बाद से लगातार महिला वोटरों का प्रतिशत बढ़ा है। साल 2004 में पुरुष मतदाताओं का वोट प्रतिशत 78.84त्न और महिला मतदाताओं का वोट प्रतिशत 74.58 प्रतिशत था। वहीं, 2009 में 81.7 प्रतिशत पुरुषों ने मतदान किया, जबकि महिलाओं का प्रतिशत 79.21 प्रतिशत रहा। 2014-15 में भी 83.59 प्रतिशत पुरुष मतदाताओं ने वोटिंग की थी। महिलाएं भी उनसे ज्यादा पीछे नहीं थीं। महिला मतदाताओं का वोट प्रतिशत 83.17 प्रतिशत था।

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हर जिले के लिए अलग घोषणा पत्र

कांग्रेस ने पिछले साल मई में कहा था कि वह राज्य में प्रत्येक जिले के लिए एक अलग घोषणा पत्र जारी करेगी। इसमें उस जिले की समस्याओं और उनके हल के लिए पार्टी की योजनाओं का लेखा जोखा होगा। इसके लिए पार्टी ने स्थानीय स्तर पर सर्वे भी करवाया है, साथ ही क्षेत्रीय नेताओं से मिले फीडबैक के अनुसार यह घोषणा पत्र जारी किया जाएगा।