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भोपाल। खजूरी सड़क थाना इलाके में बीवी और 4 बच्चों के साथ जहर पीने वाले सेंटिंग ठेकेदार की सबसे छोटी बेटी पूरवा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दंपती, उनकी दो बच्चियां और एक बेटा हमीदिया में भर्ती हैं। एक बच्चे की हालत नाजुक है। बुधवार देर शाम अस्पताल में बड़ी बेटी को होश आया।

बच्ची ने खुदकुशी की कोशिश वाली रात का मंजर बताया। बड़ी बेटी ने अपने मामा दिनेश जाटव को बताया कि रात में हम सभी लोग सो रहे थे। आधी रात को पापा आए। उन्होंने सभी को जगाया। इसके बाद हम सभी को दूध पिलाया। हमें कुछ पता नहीं था। हम लोगों को पापा के इरादे का पता नहीं था। दूध पीकर हम सो गए। सभी लोग बेसुध हो गए। इसके बाद हमें पता नहीं चला। होश आया तो अस्पताल में मिले।

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ठेकेदार ने निजी लोगों से कर्ज ले रखा है-

जानकारी के अनुसार ठेकेदार ने बयान में बताया कि उसके पास कर्ज है। कर्ज उसने ब्याज पर ले रखा है। हालांकि, वह यह नहीं बता सका कि कितना कर्ज लिया है, किन लोगों से है। उसने किसी पर प्रताड़ित करने का आरोप भी नहीं लगाया। जांच में भी सामने आया कि ठेकेदार के पास सरकारी कर्ज नहीं है। वह निजी लोगों से कर्ज ले रखा है।

कर्ज लेकर ही सेंटिंग मजदूरों को देता था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इधर, बुधवार रात बाल आयोग की टीम भी अस्पताल पहुंची। आयोग की टीम ने बच्चों की तबीयत के बारे में डॉक्टरों से जानकारी ली। खजूरी थाना प्रभारी संध्या मिश्रा ने बताया कि बैरागढ़ कलां गांव के रहने वाले किशोर जाटव ठेकेदारी करते हैं। हमीदिया अस्पताल से सुबह सूचना मिली कि किशोर जाटव (40), उनकी पत्नी सीता जाटव (35), तीन बेटियों कंचन जाटव (15), अन्नू (10), पूर्वा (8) और एक बेटे अभय (12) ने जहर पी लिया है।

एडिशनल डीसीपी महावीर सिंह मुजालदे ने बताया कि खुदकुशी के पहले किशोर जाटव ने अपने भांजे को सुबह 6 बजे फोन कर कहा-अलविदा…। इसके बाद फोन काट लिया। तहसीलदार आदित्य जंगले ने किशोर जाटव के बयान लिए हैं। पूर्व में किशोर ने किसी तरह की प्रताडऩा की शिकायत पुलिस से की या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर लग रहा कि वह कर्ज से परेशान था।

एक की हालत अब भी नाजुक-

किशोर के तीन बच्चों को कमला नेहरू अस्पताल में एडमिट किया गया है। दो की हालत नाजुक होने की वजह से डॉक्टरों की टीम उनकी विशेष देखभाल कर रही है। परिवार में सबसे छोटी पूर्वा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कंचन सातवीं में पढ़ती है। अन्नू 5 वीं में है। पूरवा पहली क्लास में थी। अन्नू की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।

इनका कहना है : प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि सेंट्रिंग ठेकों के नाम पर किशोर ने कई मकान मालिकों से एडवांस पैसा ले लिया था। इस रकम को उसने खर्च कर लिया। अब लोग रकम वापस करने अथ्वा काम करने का दबाव उस पर बनाने लगे थे। इससे किशोर परेशान रहता था।

अंतिमा समाधिया, एसीपी बैरागढ़