Bhopal : ‘सबका साथ सबका विकास’ डॉ. भीम राव आंबेडकर ने इस वाक्य को हकीकत में बदलने के लिए अपना जीवन लगा दिया। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के समुदाय के उत्थान के लिए उनके सपने से हम सभी वाकिफ हैं। उनके इस सपने को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के माध्यम से जमीन पर उतारा है और अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के समुदाय के विकास को नई ऊंचाईयां प्रदान की हैं। इसी क्रम में में सेन्टर फॉर रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल स्टॉफ परफॉरमेंस (क्रिस्प) ने मध्यप्रदेश के 250 से ज्यादा अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए तीन महीने का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर 23 जनवरी को राज्यपाल मंगुभई पटेल समन्वय भवन में बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित करेंगे।

3 महीने के आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए

स्टूडेंट्स को आत्मनिर्भर बनाने के लिए क्रिस्प ने तीन महीने का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें क्रिस्प ने मेपसेट (मध्य प्रदेश रोजगार एवं प्रशिक्षण परिषद्) द्वारा निर्धारित किए गए 8 ट्रेड्स में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के 250 से ज्यादा विद्यार्थियों के लिए 3 महीने के आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के समापन पर प्रमाण पत्र आवंटन कार्यक्रम का आयोजन श्यामला हिल्स (भोपाल) स्थित सुभाष यादव भवन में आयोजित किया जा रहा है।

विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया

क्रिस्प के प्रबंध संचालक डॉ. श्रीकांत पाटिल ने बताया कि क्रिस्प का मूल उद्देश्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना है, इसलिए हमने उन्हें इस आवासीय कार्यक्रम के तहत विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया है, जिसमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, ग्राफ़िक डिजाइनिंग, फोटोग्राफी, ऑटोमोटिव सर्विस तकनीशियन, नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर, फैशन डिजाइनिंग आदि शामिल हैं।

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गौरतलब है कि क्रिस्प तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत एक स्वशासी संस्था है, जो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता और मार्गदर्शन में पिछले 26 वर्षों से राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, प्रशिक्षण, आईटी और कैपेसिटी बिल्डिंग के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। जिसका उद्देश्य हर वर्ग के युवाओं को न सिर्फ कौशल प्रदान करना है बल्कि उनका कौशल विकास कर उन्हें रोजगार प्रदान करना है। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मनोबल को बढ़ावा देते हुए उन्हें रोज़गार और स्वरोजगार से जोड़ना है।

मध्यप्रदेश सरकार हमेशा से ही जनजातीय भाई-बहनों को उनके हक दिलाने ले लिए अथक प्रयास करती आ रही है और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हमेशा से कौशल विकास पर जोर दिया है और युवाओं से उद्यमी बनने की बात कही है। इसी क्रम में क्रिस्प विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता रहता है।